उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र; खेतों, बागों और खुले मैदानों में उगता है
Morphology
पत्तियाँ: हृदयाकार, हरी, सरल
फूल: छोटे, पीले, बेलनाकार फलों में विकसित
फल: छोटे, निचले पेड़ के पास झूलते हुए, नारंगी या पीले
तना: रसयुक्त, हरा, लघु और शाखायुक्त
Chemical Composition
फ्लेवोनॉइड्स, विटामिन C, कैरोटिनॉयड्स
एल्कलॉइड्स, लैक्टोन यौगिक
एंटीऑक्सीडेंट, मूत्रवर्धक और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण
Guna-Karma
Rasa- कटु, मधुर
Guna- लघु, रसयुक्त
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma-मूत्रवर्धक, ज्वरनाशक, पाचन और त्वचा रोग निवारक
Doshakarma- वात और पित्त दोष संतुलक; कफ पर हल्का प्रभाव
Medicinal uses
मूत्रवर्धक, किडनी और मूत्र संबंधी समस्याओं में उपयोगी
ज्वर और हल्की श्वसन समस्याओं में सहायक
अपच, पेट दर्द और पाचन विकार में लाभकारी
त्वचा रोग और फोड़े में उपयोगी
Useful Part
पूरा पौधा (पत्तियाँ, तना, फल)
Doses
पत्तियाँ और तना: 5–10 g काढ़ा या चूर्ण
फल: 2–5 g, रस या काढ़ा रूप में
Important Formulation
पत्तियों और फलों का काढ़ा (मूत्र और पाचन रोग में)
आयुर्वेदिक मलहम और रस (त्वचा रोग में)