शालपर्णी, स्थिरा, महाशाल्या, पृथक्पुष्पा, गंगेया
क्षुप (छोटा झाड़ीदार पौधा) बहुवर्षायु (Perennial shrub)
भारत के समस्त भागों में विशेषतः उष्ण और अर्धशुष्क क्षेत्रों में जंगलों, घास के मैदानों और कृषि-भूमियों के किनारे
Alkaloids (Desmodine) Glycosides Flavonoids Tannins Sterols Essential oils
Rasa- मधुर, तिक्त Guna- लघु, स्निग्ध Virya- उष्ण Vipaka- मधुर Karma- बल्य, रसायन, वेदनाशामक, श्वासकासहर, दीपनीय, पाचन, वातहर Doshakarma- वात-कफ शामक
वातरोग, आमवात श्वास, कास ज्वर अतिसार, ग्रहणी प्रमेह स्त्री रोगों में बलवर्धन एवं रसायन मूत्रकृच्छ्र एवं मूत्राघात में शोथ एवं वेदना में
मूल (Root) पंचांग (Whole plant)
चूर्ण – 3–6 gm क्वाथ – 20–40 ml स्वरस – 5–10 ml
दशमूल क्वाथ शालपर्णी घृत बलारिष्टअश्वगंधारिष्ट च्यवनप्राश
शालपर्णी स्थिरा तिक्ता बल्या तृष्णा कषायकृत। श्वासकासज्वरशूलघ्नी मूत्रकृच्छ्रनिवारिणी॥ (भावप्रकाश निघण्टु)
शालपर्णी
Sal Leaved Desmodium
Desmodium gangeticum (L.) DC.
Fabaceae / Leguminosae