HERBAL GARDEN

अकरकराभ

Classification

Synoyms

यअकर्कराभ (Akarkarabh)
वाजिकारिणी (Vajikarini)
तीक्ष्णा (Tikshna)
अग्निदीपिनी (Agnideepini)

Habit

बहुवर्षीय (Perennial) सुगंधित जड़ी-बूटी

Habitat

मूल रूप से उत्तरी अफ्रीका (मोरक्को, अल्जीरिया), भूमध्य सागरीय क्षेत्र, और हिमालय के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। भारत में यह सीमित रूप से उगाया जाता है, मुख्यतः औषधीय प्रयोजन हेतु।

Morphology

  • तना: शाखायुक्त, लघु
  • पत्तियाँ: पंखाकार, गहरे हरे रंग की
  • फूल: जैसे, पीले या सफेद रंग के
  • जड़: मोटी, शाखायुक्त, हल्कीभूरी, तीव्रगंध एवं स्वाद वाली

Chemical Composition

पाइरेथ्रिन (Pellitorine – मुख्य सक्रि यघटक)
अल्कलॉइड्स
इनुलिन
एनीसिकएसिड
सेसक्विटरपेन
आवश्यकतेल

Guna-Karma

Rasa- कटु (Pungent), तिक्त (Bitter)
Guna- लघु (Light), तीक्ष्ण (Sharp), स्निग्ध (Unctuous)
Virya- उष्ण (Hot)
Vipaka- कटु (Pungent)
Karma- वाजीकरण (Aphrodisiac), अग्निदीपक (Appetizer), स्वर्य (Voice clear), वेदनास्थापन (Analgesic), वातनाशक, शूलहर, स्नायुवर्धक (Nervine tonic)
Doshakarma- वात व कफशामक

Medicinal uses

कामशक्तिवर्धक (Aphrodisiac)
वातजन्य विकार जैसे पक्षाघात, अर्धांगवात, अपस्मार स्वरभंग, गलाबैठना
दन्तशूल, मुखशुद्धि हेतु
स्नायुविकार
शूलहर (Pain relief)
आमवात में बाह्य प्रयोग

Useful Part

मूल (Root)

Doses

चूर्ण: 250 mg – 1 ग्राम
क्वाथ: 20–40 ml
तेल या लेप: आवश्यकता अनुसार बाह्य प्रयोग में

Important Formulation

अकरकरा चूर्ण
अकरकरा वटी
अकरकरा तेल (बाह्य उपयो गहेतु)
वृहन्मस्तु वटी (वाजीकरण योगों में)

Shloka

अकर्कराभा तीक्ष्णोष्णा दीपन्यग्निविवर्धिनी।
वाजीकरणि वृष्याचमुख शुद्धिकरीपरा॥

Hindi Name​

अकरकरा, अकर्कराभा

English Name

Pellitory, Spanish Chamomile

Botanical Name

Anacyclus pyrethrum (L.) DC.

Family

Asteraceae (Compositae)