HERBAL GARDEN

अकरकरा (Akarkara)

Classification

Synoyms

अक्षरकरा, मारिचक, मधुकर्करा, पिप्पलमुखी

Habit

बारहमासी (Perennial) शाकीय पौधा

Habitat

यह पौधा मुख्यतः उत्तर अफ्रीका और भूमध्यसागरीय क्षेत्रों का मूल निवासी है, किंतु भारत में इसे राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश के सूखे क्षेत्रों में भी उगाया जाता है।

Morphology

  • Root (जड़) – बेलनाकार, पतली, भूरे रंग की, तीव्र स्वाद व गंध युक्त
  • Stem (तना) – छोटा, शाखायुक्त, रोएँदार
  • Leaves (पत्तियाँ) – वैकल्पिक, पंखनुमा (pinnatifid), गहरे हरे रंग की
  • Flowers (फूल) – श्वेत या हल्के पीले रंग के पुष्पगुच्छ (capitulum) रूप में
  • Fruit (फल) – सूखा, छोटा, अंडाकार आकार का
  • Seed (बीज) – छोटा, हल्का भूरे रंग का

Chemical Composition

पाइरेथ्रिन (Pyréthrins)
एनासाइक्लिक अम्ल (Anacyclic acid)
अल्कलॉइड्स
एनासाइक्लिन (Anacyclin)
सिटोस्टेरॉल (β-Sitosterol)
इन्यूलिन
आवश्यक तेल (Volatile oils)

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कटु, कषाय
Guna- तीक्ष्ण, लघु, स्निग्ध, सर
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- दीपनीय (अग्नि वर्धक), वृष्य (वीर्यवर्धक), बल्य (शक्ति प्रदान करने वाला), वातकफहर, मुखशुद्धिकर, शूलहर (दर्दनाशक), कृमिघ्न (परजीवी नाशक)
Doshakarma- वात-कफ शामक

Medicinal uses

स्नायविक दुर्बलता में लाभकारी
लिंगदोष, नपुंसकता एवं वीर्यदोष में उपयोगी
दांतों के दर्द और मुखरोगों में जड़ का प्रयोग
अम्लपित्त एवं अपच में अग्निवर्धक के रूप में
गठिया व वातरोगों में उपयोगी
कफजन्य खांसी और सर्दी-जुकाम में लाभदायक
स्मृतिवर्धक और मस्तिष्क उत्तेजक
दुर्बलता और थकान में टॉनिक के रूप में प्रयोग

Useful Part

जड़ (Root)

Doses

चूर्ण: 250–500 mg (1/4 – 1 ग्राम) दिन में दो बार
अर्क या क्वाथ: 20–30 मिली
बाह्य प्रयोग: दंतमंजन या लेप के रूप में

Important Formulation

अकरकरा चूर्ण
वृष्य वटी
अकरकरा तेल
रसायन अवलेह
वजिकारण योग

Shloka

अकरकरा तिक्तकटु कषायोष्णा लघुस्तथा।
वातकफहरा बल्या वृष्या कृमिनाशिनी॥

Hindi Name​

अकरकरा, आकर्करा

English Name

Pellitory root, Mount Atlas daisy

Botanical Name

Anacyclus pyrethrum DC.

Family

Asteraceae (Compositae)