तगरनटसुगन्धबालागन्धवेला
बहुवर्षीय शाकीय पौधा (Perennial herb)
यह मुख्यतः हिमालयी क्षेत्र — कश्मीर से लेकर सिक्किम तक, 1000–3000 मीटर की ऊँचाई पर उगता है।
Valeric acid, Isovaleric acid Alkaloids, Tannins, Volatile oils Valepotriates (sedative compounds) Sesquiterpenes
Rasa- तिक्त, कटु Guna- लघु, स्निग्ध Virya- शीत Vipaka- कटु Karma- मन: शामक, निद्राजनक, वातहर, वेदनाशामक, हृदय्य, शूलहर, मूर्छाहरण, तृष्णानाशक Doshakarma- वात-पित्त शामक
अनिद्रा (Insomnia) में निद्राजनक के रूप में मानसिक अशांति, तनाव, मूर्छा, अपस्मार में लाभकारी वातविकारों, संधिवात, आमवात में वेदनाशामक उच्च रक्तचाप एवं सिरदर्द में सहायक हृदय की कमजोरी में उपयोगी एंटी-स्पास्मोडिक व एंटी-डिप्रेसेंट गुणों से युक्त
मूल (जड़), कन्द
चूर्ण: 1–3 ग्राम क्वाथ: 40–60 मि.ली सत्व या अर्क: 1–2 मि.ली
तगरादि चूर्ण सर्पगंधा घनवटी अश्वगंधादि चूर्ण निद्राकर वटी
तगरं कटु तिक्तं च हृद्यं दीपनपाचनम्। वातपित्तहरं लघ्वग्निदोषहरं परम्॥ मूर्छाऽपस्मारकुष्ठघ्नं मनोनिग्रहणं तथा॥
तगर, सुगंधबाला
Indian Valerian
Valeriana wallichii DC.
Valerianaceae