चरक- स्तन्यशोधन, पुरीषसंग्रहणीय, ज्वरहर, दाहप्रशमन, मधुरस्कन्ध सुश्रुत- वल्लीपंचमूल, सारिवादि, विदारिगंधादि भावप्रकाश-
उत्पलसारिवा - उत्पन्नगंधवाली मूल गोपवल्ली - अनेक कर्म में उपयोगी वल्ली धवनसारिवा - भीतर से श्वेत वर्ण वाली मूल
लता
भारत में सर्वत्र
P-Methoxy salicylic aldehyde, B-sitosterol
Rasa- मधुर Guna- गुरु, स्निग्ध Virya- शीत Vipaka- मधुर Karma- रक्तप्रसादन, दाहप्रशमन, स्तन्यशोधन, वर्ण्य. Doshakarma- त्रिदोषशामक
ज्वर कण्डु प्रमेह श्वास कास
मूल
फाण्ट - 40-80ml कल्क -5-10g
सारिवादि क्वाथ सारिवादि वटी सारिवा द्यासव
सारिवा मधुरा तिक्ता शिता दाहकृच्छ्रनुत्। रक्तपित्तज्वरश्वासकासविषमपित्तहा॥
अनंतमूल
Indian sarsaparilla
Hemidesmus indicus
Asclepiadaceae