Trienthema, Matki Booti
लता-जैसा बारहमासी हरी जड़ी-बूटी, जमीन पर फैलने वाली
खुले खेत, रास्ते के किनारे, रेतीली और उर्वर मिट्टी
फ्लेवोनॉइड्स, टैनिक एसिड, साइटोटॉक्सिन, लिग्निन एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण
Rasa- कटु Guna- हल्का, सुखद Virya- शीत Vipaka- मधुर Karma- त्वचा रोग, मूत्र विकार, बुखार और पाचन विकार निवारक Doshakarma- वात और पित्त दोष संतुलक; कफ पर हल्का प्रभाव
त्वचा रोगों जैसे दाद, फोड़े और खुजली में मूत्र संबंधी विकार और पेट दर्द में बुखार और जलन कम करने में सहायक ज्वर निवारक और एंटीसेप्टिक के रूप में
पूरे पौधे (पत्तियाँ, तना, जड़)
पत्तियाँ और तना: 5–10 g काढ़ा चूर्ण: 2–5 g
काढ़ा और पेस्ट (त्वचा रोग और मूत्र विकार में) चूर्ण और रस (बुखार और पाचन विकार में)
“कटुं हल्कं शीतं रसयुक्तं वातपित्तनाशकं च। त्रियन्थेमा पौधे पत्तिफूलजड़ं रोगहरम्॥”
मटकी बूटी, हाथी का मुँह
Horse Purslane
Trianthema portulacastrum L.
Aizoaceae