HERBAL GARDEN
कटुकी
Classification
चरक- भेदनीय, लेखनीय , स्तन्य शोधन
सुश्रुत- पटोलादि, पिप्पल्यादि, मुस्तकादि
भावप्रकाश-
Synoyms
कटुका- स्वाद अनुरूप न होने से l
तिक्ता- तिक्त रस होने से
काण्डरूहा- कांड से उत्पन्न होने के कारण।
कृष्णाभेदा- तोड़ने पर भीतर से कृष्णाभ।
मत्स्याशकला- भौमिक कांड की त्वक मछली की त्वचा के सदृश्य।
चक्रांगी - चक्राकार चिन्ह युक्त
Habit
क्षुप -up to १ ft high प्रायः रोमश क्षुप होता है
Habitat
इसकी प्रजातियां अल्पाइन हिमालय में, कश्मीर से सिक्किम तक, 3000 मीटर और 4500 मीटर ऊंचाई के बीच होती हैं।
Morphology
- Stem -
- Leaves- १०-१५ cm लम्बे होते हैं
- Flowers- बैंगनी रंग के २-४ इंच लम्बी मंजरी में होते हैं
- Fruits (फल) -१/२ इंच लम्बे अंडाकार होते हैं
- Seeds- भौमिक कांड भूरे रंग के होते है
Chemical Composition
Root contains Kutikin, Kurrin and vanillic acid
Guna-Karma
Rasa- तिक्त
Guna- लघु, रूक्ष
Virya- शीत
Vipaka- कटु
Karma- भेदन,दीपन
Doshakarma- पित्तकफशामक
Medicinal uses
पित्तज कुष्ठ- कुटकी, अतिविषा,रेणुका, इन्द्रयव,खस एवं चन्दन का लेप बनाकर पित्तज कुश में आलेप किया जाता हैl
हृद्रोग- पित्तज हृद्रोग में कुटकी एवं मधुयष्टि का चूर्ण शुगर एवं पानी के साथ सेवन किया जाता हैl
Useful Part
मूल
Doses
मूल चूर्ण - विरेचनार्थ-३-६ gm
Important Formulation
आरोग्यवर्धनी वटी
कटुकादि कषाय
Hindi Name
कुटकी
English Name
hellebore
Botanical Name
Picrorhiza kurroa Royle ex Benth
Family
Scrophulariaceae (स्क्रोफुलारिऐसी)
