भारत में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, हिमालय के तलहटी क्षेत्रों, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत में पाया जाता है। यह उपोष्णकटिबंधीय व उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगता है।
Morphology
वृक्ष: 10–15 मीटर ऊँचा, पर्णसमृद्ध
तना: मोटा, खुरदरा, पपड़ीदार
पत्ते: बड़े, अण्डाकार या दीर्घवृत्त, हरे और मोटे
फूल: लघु, फल जैसे स्ट्रॉब (Syconium)
फल: छोटे, हरे से पीले या लाल, फलों में बीज रहते हैं
बीज: सूक्ष्म, अनेक
Chemical Composition
Ficusins (Flavonoids)
Tannins
Coumarins
Alkaloids
Saponins
Polyphenols
Vitamin C
Carbohydrates
Guna-Karma
Rasa- मधुर, कषाय
Guna- स्थूल, स्निग्ध
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma- रज्वरघ्न, रक्तशोधक, व्रणरोपक, मूत्रविकारहर, हृदयबलवर्धक, कफ-वातशामक
Doshakarma- त्रिदोष संतुलक, विशेषतः पित्त और कफ शमन
Medicinal uses
दज्वर और रक्तपित्त
व्रण एवं त्वचा रोग मूत्रविकार
हृदय रोग
अग्निमांद्य व अरुचि
शूल और सूजन
प्रदर (ल्यूकोरिया)
Useful Part
छाल, पत्ते, फल, जड़
Doses
छाल क्वाथ: 30–50 ml
पत्ते का रस: 10–15 ml
चूर्ण: 3–6 gm
Important Formulation
प्लक्षादि क्वाथ
रक्तशोधक योग
व्रणरोपण के लिए प्लक्ष कल्क