HERBAL GARDEN

कर्पास

Classification

Synoyms

कर्पास
कर्पासी
कर्पासिक
श्वेतपुष्पा
वाससी

Habit

वार्षिक या अल्पकालिक बहुवर्षीय शाकीय पौधा

Habitat

यह उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगाया जाता है; भारत, पाकिस्तान, मिस्र, अफ्रीका और अमेरिका में इसकी खेती होती है।

Morphology

  • ऊँचाई – 1–2 मीटर
  • तना – सीधा, शाखायुक्त, हरा से भूरे रंग का
  • पत्तियां – हथेली जैसी (palmately lobed), 3–5 खंडों वाली, हरी
  • फूल – पीले रंग के, आधार पर लाल धब्बों के साथ, एकल
  • फल – गोल या अंडाकार कप्सूल, पकने पर फटकर कपास के रेशे बाहर निकलते हैं
  • बीज – भूरे या काले, रेशों से ढके हुए, जिनसे कपास का तेल निकाला जाता है

Chemical Composition

बीज में – स्थिर तेल (cottonseed oil), प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट
कपास के तेल में – लिनोलिक एसिड, पामिटिक एसिड, ओलिक एसिड
जड़ों में – फ्लेवोनॉयड्स, एल्कलॉइड्स
पत्तियों में – टैनिन, म्यूसीलेज

Guna-Karma

Rasa- मधुर, तिक्त
Guna- गुरु, स्निग्ध
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma- वातशामक, बल्य, स्तन्यवर्धक, व्रणरोपण, शूलहर, शोथहर
Doshakarma- वात शामक, पित्तवर्धक

Medicinal uses

प्रसवोत्तर स्तन्य वृद्धि में
वातजन्य शूल एवं जोड़ों के दर्द में
व्रणरोपण एवं घाव भरने में
श्वसन रोगों में बल्य के रूप में
स्त्रीरोगों में गर्भाशय बल देने हेतु

Useful Part

बीज, बीज का तेल, जड़ की छाल, पत्तियां

Doses

बीज चूर्ण – 3–6 ग्राम
जड़ का क्वाथ – 30–50 मि.ली.
तेल – आवश्यकता अनुसार

Important Formulation

कर्पासासव, कर्पास बीज तेल, कर्पास मूल क्वाथ

Shloka

"कर्पासो मधुरस्तिक्तो गुरुः स्निग्धो बलप्रदः।
वातशूलहरो हृद्यः स्तन्यवृद्धिकरो मतः॥"
"कर्पासीवातला तिक्तास्निग्धोष्णा स्तन्यवर्धिनी।
व्रणशोधन सन्धानकरी श्वासकासनुत्॥" (Bhavaprakasha Nighantu)

Hindi Name​

कर्पास, रूई, कपास

English Name

Cotton Plant

Botanical Name

Gossypium herbaceum L.

Family

Malvaceae