HERBAL GARDEN
धान्यक
Classification
चरक- तृष्णानिग्रहण, शीतप्रशमन
सुश्रुत- गुडूच्यादि
भावप्रकाश-
Synoyms
छश छत्राकार पुष्पव्यूहत्वात् (छवाकार पुष्प होने से)
कुनटी की भूमौ नटति नृत्यतीव हरितौषधिा
वितुष्क विगतं सुत्रं दुाखं अस्मात् (जिसके सेवन से कष्ट दूर हो)
कुस्तुम्बुरु - कुत्सितं ज्वरादिकं रोगं तुम्बति अर्दयति इति (जीर्ण ज्वरादि रोगों को दूर करने से)
Habit
वर्षायु क्षुप 3/4 मी. तक ऊँचा होता है।
Habitat
इसकी खेती सम्पूर्ण भारत में की जाती है।
Morphology
- इसका गन्धयुक्त, कोमल शाखाओं वाला वर्षायु क्षुप 3/4 मी. तक ऊँचा होता है।
- पत्र पक्षवत् विभक्त, मूल के निकट वाले लट्बाकार, 3-5 भागों में विभक्त व दन्तुर तथा ऊपरी पत्र रेखाकार होते हैं।
- पुष्प खेत या गुलाबी छक्कों में लगे होते हैं।
- फल पीताभ, भूरे, धारीदार व गोलाकार होते हैं एवं सूखने पर दो भागों में विभक्त हो जाते हैं।
- प्रत्येक भाग में एक एक बीज होता है।
- पुष्पागम व फलागम शीतकाल की समाप्ति पर होता है।
Chemical Composition
Caffeic acid, protocatechinic acid, glycitin, coriandrone A, coriandrone.
Guna-Karma
Rasa- तिक्त,कषाय, मधुर
Guna- लघु,स्निग्ध
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma- तृष्णानिग्रहण, शीतप्रशमन
Doshakarma- त्रिदोषहर
Medicinal uses
अरुचि
वमन
श्वास
मूत्रकृच्छ्र
पित्तज प्रमेह
कामोन्माद
शीतज्वर
अग्निमांद्य
अजीर्ण
प्रवाहिका
अतिसार
अर्श
उदरशूल
कृमिरोग
कास
Useful Part
पत्र, फल, तैल
Doses
मात्रा चूर्ण 3-6 ग्रा.
हिम 20-25 मि.ली.
तैल 1-3 बूंद
Important Formulation
धान्यपंचक क्वाथ
चन्द्रप्रभा वटी
धान्यकादि हिम
Shloka
धान्यकं तुवरं स्निग्धमवृष्यं मूत्रलं लघु ।
तिक्तं कटूष्णवीर्यञ्च दीपनं पाचनं स्मृतम् ॥
ज्वरघ्नं रोचकं ग्राहि स्वादुपाकि त्रिदोषनुत् ।
तृष्णादाहवमिश्वासकासकार्श्वक्रिमिप्रणुत् ॥
आर्द्रन्तु तद्गुणं स्वादु विशेषात्पित्तनाशि तत् ॥
(भा. प्र. नि. हरीतक्यादि वर्ग 86-88)
छत्रा कुस्तुम्बुरु वितुन्नकम् ॥
धान्यतुम्बुरू, रोचनं दीपनं वातकफदौर्गन्धनाशनम् ।।
(चरक सम्हिता सूत्रस्थान 27)
Hindi Name
धनियाँ
English Name
Coriander
Botanical Name
Coriandrum sativum Linn
Family
Apiaceae
